Wednesday, 27 August 2014


        एक दबी हुई नदी है,कही मेरे अंदर

एक दबी हुई नदी है कही मेरे अंदर

अक्सर गीला गीला हो जाता है

कुछ वह जाता है,कुछ रह जाता है |

 

एक दबी हुई सी नदी है कही मेरे अंदर

उत्ताल, उन्माद

प्रचन्ड वेग समेटे अपने अंदर

बहने को वेचेन

बाहा ले जाने को व्याकुल |

 

एक दबी हुई सी नदी है कही मेरे अंदर

जमीन की तलाश मे

कब से भटक रही है नदी

बहने को वेचेन

बाहा ले जाने को व्याकुल |

 

एक दबी हुई सी नदी है कही मेरे अंदर

नदी बर्फ बन रही है

एक ठहराव सा महसुसती हु

सुरज की किरणो का इन्तजार कर रही है नदी

बहने को बेचेन

बाहा ले जाने को व्याकुल |

 

एक दबी हुई सी नदी है मेरे अंदर

आबद्ध है नदी

कही आबद्धता मोत तो नही

रास्ता तलाश रही है नदी

बहने को बैचेन

बाहा ले जाने को व्याकुल

अक्सर कुछ गीला गीला हो जाता है

कुछ बह जाता है,कुछ रह जाता है |

 

 

 

 

 

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