रिस्तो की ठंड
रिस्तो की ठंड ने
भावनाओ की नदी को
बर्फ़ की चट्टान बना दिया
अजीब सा सर्द अहसास
मोत सा सन्नाटा
न बह पाने की मजबुरी
आव्द्धता,एकेलापन
बसंत के आगमन की अंतहीन प्रतीक्षा
मजबुरी,असहायता,दयनीयता,क्रोध
सर्द मौसम बहुत लम्बा,बहुत लम्बा खींच रहा है
चट्टान के नीचे जो बर्फ़ीला पानी है
कही बो भी न जम जाय |
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